सपाटबयानी

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क्यों होता है ऐसा??

Posted On: 7 Nov, 2012 Others में

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आज हमारे समाज में, चाहे संपूर्ण पृथ्वी पर कई लोग है जो मानते है भगवान को, और नहीं भी मानने वाले भी है ! कुछ शकाहारी है तो कई मांसाहारी है,कोई गलत कामो में है तो कोई सही काम ही करते है ,कोई पहले और अगले जन्म को मानता है कोई नही मानता है! कोई पाई-पाई को मोहताज है तो कोई मौज से रह रहा है! कोई गरीब के घर में जन्म ले कर भूखे ही रहता है तो कोई अमीर के घर पैदा होकर मौज मस्ती में रहता है ! क्या है यह माया? समझ से बाहर नहीं लगती?
जो लोग पूर्व जन्म को नहीं मानते और उनके पास भी इसका जवाब नहीं है! और जो मानते है की पहले के जन्म के फल के कारण यह जीव आजकल सुखी है तो यह भी है की जब हम मान ले की पूर्व जन्म है ही नहीं तो इस बात का क्या है जवाब उनके पास, जो पूर्व जन्म को और उस जन्म में किये गए कामो की बातको नहीं मानते? क्यों एक बच्चा गरीब और एक अमीर के घर में जन्म लेता है ? इस जन्म लेने या न लेने में में उसकी क्या और कैसी है भूमिका? फिर यह सब क्या अनुतरित ही है?
अब मेरी इस समस्या का कोई समाधान बता भी दे तो और कोई चारा भी नहीं होगा सिवाय इसके की हम चुपचाप मान ले! शायद यही तो है सब जिसे अज्ञात शक्ति ,अगम और अगोचर मानने को मजबूर है हम सब लोग!

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

pitamberthakwani के द्वारा
November 15, 2012

सरस्वती पुत्र,शील जी, आभार! आपने सही कहा है , आपको जानकर मुझे न जाने क्यों बहुत अच्छा लगता है !धन्यवाद्

SATYA SHEEL AGRAWAL के द्वारा
November 15, 2012

डॉक्टर साहेब ,धर्मों का अवतरण भी इसी दुविधा के कारण हुआ .आज भी किसी को नहीं मालूम इश्वर है क्या?,वह क्यों है? उसको किसने बनाया ?उसने दुनिया को क्यों बनाया?उसकी पूजा अर्चना करने का क्या मतलब है?क्या वह भी चापलूस पसंद है ?यानि जो उसकी पूजा अर्चना करता है उस पर ही वह अपनी कृपा करता है,फिर चाहे वह कितना भी पापी,दुष्कर्मी हो?परन्तु यदि कोई इंसानियत का पुजारी हो परन्तु उसकी पूजा अर्चना न करता हो उसे कुछ मिलने वाला नहीं है?सब कुछ समझ से परे है.सब अपनी समझ को सही मानते हैं.


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