सपाटबयानी

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आज फिर जीने की तमन्ना है!

Posted On: 4 Feb, 2013 Others में

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चाहे किसी भी हाल में हो ,इंसान मरना तो चाहता ही नहीं है!क्यों मरे वह ? हमारा इस जहां में इतना सम्बन्ध हो गया है की हम इस मोह के कारण मरना ही नहीं चाहेंगे! यह बात आपको कैसी लगती है? सोचें और बताएं! यही बात और कारण है  हम हर हाल में जीना ही जाना चाहते है! तभी तो यह गाना बना होगा की– ‘आज फिर जीने की तमन्ना है!’ हाँ जिनका मन खुशीयों से भरा है वह तो बिलकुल ही नहीं मरना चाहता है पर जो कम खुश है या दुखी है वह भी मरना नहीं चाहेगा! तमाम लोग इन्हें ‘मोह पालाना’ करने वाले कहते है! पर क्या ऐसे कहने वाले भी तो मरना नहीं चाहते! यह बात गलत नहीं हो सकती !

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